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डॉक्टर बनने की चाहत क्या आपको डॉक्टर बना सकती है? जी हा! कैसे

मैंने कई साल पहले ऑस्ट्रेलिया के एक किशोर के साथ काम किया था। यह किशोर डॉक्टर और सर्जन बनना चाहता था, लेकिन उसके पास पैसा नहीं था; न ही उसने हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी की थी। ख़र्च निकालने के लिए वह डॉक्टरों के ऑफिस साफ करता था, खिड़‌कियाँ धोता था और मरम्मत के छुटपुट काम करता था।  उसने मुझे बताया कि हर रात जब वह सोने जाता था, तो वह दीवार पर टंगे डॉक्टर के डिप्लोमा का चित्र देखता था, जिसमें उसका नाम बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था। वह जहाँ काम करता था, वहाँ वह डिप्लोमाओं को साफ करता और चमकाता था, इसलिए उसे मन में डिप्लोमा की तस्वीर देखना या उसकी कल्पना करना मुश्किल नहीं था। मैं नहीं जानता कि उसने इस तस्वीर को देखना कितने समय तक जारी रखा, लेकिन उसने यह कुछ महीनों तक किया होगा। जब वह लगन से जुटा रहा, तो परिणाम मिले। एक डॉक्टर इस लड़के को बहुत पसंद करने लगा। उस डॉक्टर ने उसे औज़ारों को कीटाणुरहित करने, इंजेक्शन लगाने और प्राथमिक चिकित्सा के दूसरे कामों की कला का प्रशिक्षण दिया। वह किशोर उस डॉक्टर के ऑफिस में तकनीकी सहयोगी बन गया। डॉक्टर ने उसे अपने खर्च पर हाई स्कूल और बाद में कॉलेज भी भेजा। आज

अपने विचार और मिशन के बारे में सोचें

अपने विचार और मिशन के बारे में सोचें। डेनियल काहनेमन की पुस्तक थिंकिंग, फास्ट एंड स्लो पिछले कुछ वर्षों में लिखी गई सर्वश्रेष्ठ और सबसे ज़्यादा गहन चिंतन वाली पुस्तकों में से एक है। वे बताते हैं कि हमें अपने दैनिक जीवन में जिन बहुत सी स्थितियों का सामना करना पड़ता है, उनसे निपटने के लिए दो अलग-अलग प्रकार की सोच का इस्तेमाल करने की ज़रूरत होती है। तीव्र सोच का इस्तेमाल हम अल्पकालीन कामों, ज़िम्मेदारियों, गतिविधियों, समस्याओं और स्थितियों से निपटने के लिए करते हैं। इसमें हम जल्दी से और सहज बोध से काम करते हैं। ज़्यादातर मामलों में तीव्र सोच हमारी रोज़मर्रा की गतिविधियों के लिए पूरी तरह उचित होती है। दूसरी तरह की सोच का वर्णन काहनेमन धीमी सोच के रूप में करते हैं। इसमें आप पीछे हटते हैं और स्थिति के विवरणों पर सावधानीपूर्वक सोचने में ज़्यादा समय लगाते हैं और इसके बाद ही निर्णय लेते हैं कि आप क्या करेंगे। काहनेमन की ज्ञानवर्धक जानकारी यह है कि आवश्यकता होने पर भी हम धीमी सोच करने में असफल रहते हैं और इसी वजह से हम जीवन में कई ग़लतियाँ कर बैठते हैं। समय के प्रबंधन में उत्कृष्ट बनने और अपने

लक्ष्य के लिए डेडलाइन कैसे तय करें?

व्यवसाय में ज्यादातर काम प्रोजेक्टों से संबंधित होता है। प्रोजेक्ट पूरे करने की योग्यता करियर में आपकी सफलता को काफ़ी हद तक तय करती है। प्रोजेक्ट की परिभाषा है 'बहुल कार्यों वाला काम'। प्रोजेक्ट वह परिणाम है, जिसके लिए कई छोटे कामों की श्रंखला को पूरा करने की ज़रूरत होती है। अपनी उपलब्धि के स्तर को बहुत ज़्यादा बढ़ाने और अपनी प्रभावकारिता को अधिकतम करने के लिए आप शायद जिस सबसे शक्तिशाली साधन का इस्तेमाल कर सकते हैं, वह है जाँचसूची। जाँचसूची में क़दमों की श्रंखला समय के हिसाब से जमी होती है। इसे आप प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने से पहले बनाते हैं। आप आज जहाँ हैं, वहाँ से सफलतापूर्वक प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए आपको कौन से क़दम उठाने हैं, उन्हें स्पष्टता से तय करने की आपकी योग्यता श्रेष्ठ सोच की निशानी है। एक बार फिर नियम यह है कि योजना और जाँचसूची बनाने में लगा एक मिनट क्रियान्वयन और काम करने में लगने वाले दस मिनट बचाता है। यह धीमी सोच का एक और उदाहरण है, जो आपकी प्रभावकारिता और आपके आउटपुट को महत्त्वपूर्ण रूप से बढ़ा सकती है। इससे कंपनी के प्रति आपके मूल्यवान योगदान में भी काफ़ी वृ

समय का प्रबंधन आपका मूल्य तय करता है

समय का प्रबंधन दरअसल जीवन का प्रबंधन है, आपकी व्यक्तिगत उत्पादकता को बेहतर बनाने का काम आपके मूल्यों के परीक्षण से शुरू होता है।  मर्फी का नियम कहता है कि कोई चीज़ करने से पहले आपको कोई दूसरी चीज़ करनी पड़ती है। समय का उचित प्रबंधन करना भी तब तक संभव नहीं है, जब तक आपको सटीकता से यही ना मालूम हो कि आपका मूल्य क्या हैं। समय के अच्छे प्रबंधन के लिए आवश्यक है कि आपका घटनाओं के क्रम पर अपना नियंत्रण आपके लिए सबसे ज़्यादा महत्त्वपूर्ण आदर्शों के सामंजस्य में हों। यदि यह आपके लिए महत्त्वपूर्ण नहीं है, तो आप अपने समय का नियंत्रण हासिल करने के लिए कभी प्रेरित और संकल्पवान महसूस नहीं करेंगे। हर इंसान को जीवन में अर्थ और उद्देश्य की गहरी ज़रूरत होती है। व्यक्तिगत तनाव और अप्रसन्नता के मुख्य कारणों में से एक यह भावना है कि आप जो कर रहे हैं, उसका आपके सबसे अंदरूनी मूल्यों और विश्वासों के संदर्भ में कोई अर्थ और उद्देश्य नहीं है। आपको हमेशा यह प्रश्न पूछकर शुरू करना चाहिए, "क्यों?" आप समय प्रबंधन की तकनीकों में ज़्यादा कार्यकुशल बन सकते है लेकिन इससे आपका कोई भला नहीं होगा, अगर आप किसी अर्

आप खुद के बारे में कैसा सोचते और महसूस करते हैं।

खुद के बारे में कैसा सोचते और महसूस करते हैं, उससे आपके जीवन की गुणवत्ता काफ़ी हद तक तय होती है। आपके व्यक्तित्व का भावनात्मक मूल है आपका आत्म-गौरव, जिसे इस तरह परिभाषित किया जाता है, “ आप खुद को कितना पसंद करते हैं।” आपका आत्म- गौरव काफ़ी हद तक इस बात से तय होता है कि आप अपनी पूरी क्षमता के विकास में अपने जीवन और समय का किस तरह इस्तेमाल करते हैं। आपका आत्म-गौरव तब बढ़ता है, जब आप कुशलता से काम करते हैं और आपका आत्म-गौरव तब कम होता है, जब आप कुशलता से काम नहीं करते हैं। आत्म-गौरव के सिक्के के दूसरे पहलू को 'स्व-प्रभावोत्पादकता' कहा जाता है, जिसका मतलब है कि आप खुद को कितना सक्षम, समर्थ और उत्पादक महसूस करते हैं, आप अपनी समस्याओं को सुलझाने, अपना काम करने और अपने लक्ष्य हासिल करने में कितने योग्य महसूस करते हैं। आप जितने ज़्यादा सक्षम, समर्थ और उत्पादक महसूस करते हैं, आपका आत्म गौरव उतना ही ज़्यादा ऊँचा होता है। आपका आत्म-गौरव जितना ज़्यादा ऊँचा होता है, आप उतने ही ज़्यादा उत्पादक और सक्षम बन जाते हैं। दोनों एक-दूसरे को सहारा और शक्ति देते हैं। जो लोग अपने समय का अच्छा प्रबंधन क

सफलता के सबसे महत्त्वपूर्ण नियम

आप कितनी योग्यता से अपने समय का प्रबंधन करते हैं, यह आपके एक्ज़ीक्यूटिव करियर में आपकी सफलता या असफलता को काफी ज़्यादा तय करता है। समय उपलब्धि का एक अनिवार्य संसाधन है, जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। यह आपकी सबसे कीमती संपत्ति है। आप समय को बचाकर नहीं रख सकते, ना ही इसे बर्बाद करने के बाद दोबारा हासिल कर सकते हैं। आप चाहे जो चीज़ करें, हर चीज़ को करने के लिए समय की ज़रूरत होती है। आप अपने समय का जितना बेहतर इस्तेमाल करेंगे, आप उतना ही ज़्यादा हासिल करेंगे और आपको उतने ही बड़े परिणाम मिलेंगे। टाइम मैनेजमेंट आदर्श स्वास्थ्य और व्यक्तिगत सफलता के लिए अनिवार्य है। आप किस हद तक अपने समय और जीवन के नियंत्रण में महसूस करते हैं, यह आपकी मानसिक शांति, सौहार्द और मानसिक स्वास्थ्य के स्तर को तय करने वाला मुख्य घटक है। अपने समय पर ‘नियंत्रण ना रहना' तनाव, चिंता और डिप्रेशन का मुख्य स्रोत है।  आप अपने जीवन की महत्त्वपूर्ण घटनाओं को जितनी अच्छी तरह व्यवस्थित और नियंत्रित कर सकते हैं, आप हर पल उतना ही बेहतर महसूस करेंगे, आपमें उतनी ही ज़्यादा ऊर्जा होगी, आपको उतनी ही अच्छी नींद आएगी और आप उतना ही ज़्