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विचार ही परिवर्तन हैं लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

धन संपत्ति के मामले में आपकी सोच...?

मैंने अपने कॉलेज के वर्ष लॉस एन्जेलस के एक बढ़िया होटल में सेवक के रूप में बिताये। वहाँ एक तकनीकी कार्यकारी अतिथि के रूप में अक्सर आया करता था। वह काफ़ी प्रतिभावान था, उसने लगभग 20 वर्ष से कुछ ही अधिक की आयु में वाई- फ़ाई का एक मुख्य घटक डिज़ाइन कर पेटेंट किया था। वह कई कंपनियां शुरु करके बेच चुका था और बेतहाशा कामयाब था। धन संपत्ति के साथ उसका जो संबंध था, उसे मैं असुरक्षा और बचकानी मूर्खता का मेल कहूँगा। वह सौ डॉलर के नोटों की कई इंच मोटी गड्डी साथ लेकर घूमता था, जिसे वह हर किसी को दिखाता था, फिर चाहे वे देखना चाहते हों या नहीं। वह बिना किसी संदर्भ के अपनी धन सम्पदा की खुलकर डींग मारता, ख़ासकर जब वह नशे में धुत होता। एक दिन उसने मेरे एक सहकर्मी को कई हज़ार डॉलर की रकम दी और कहा, "गली में जो ज़वाहरात की दुकान है, वहाँ जाओ और 1000 डॉलर के कुछ सोने के सिक्के लेकर आओ।" एक घंटे बाद, हाथ में सोने के सिक्के लिये, वह कार्यकारी और उसके दोस्त एक डॉक के चारों तरफ़ इकट्ठा हो गये जो प्रशांत महासागर के सामने था। फिर उन्होंने उन सिक्कों को पानी में फेंकना शुरू कर दिया। वे उन सिक्कों को

आपके विचार ही आपकी उपलब्धि है

आज के जीवन में अगर देखा जाए, तो नब्बे प्रतिशत जनसंख्या के पास यह सोचने का वक्त ही नहीं है कि वे जा कहां रहे हैं। अगर आप उनको रोककर पूछेंगे। तो उनका एक ही जवाब होगा, कि अभी हमारे पास समय नहीं है।   जबकि उनके जीवन का उद्देश्य अगर आप जानना चाहेंगे, तो आपको पता लगेगा कि उनके जीवन का उद्देश्य केवल मानवीय आवश्यकताओं का प्रयोग करते हुए जीवन बिताना है। न कि किसी नई चीज का आविष्कार करना है।  और न ही उन्होंने यह जानने की कोशिश की, कि हमने आज तक जो समय बिताया है। उस समय के दरमियान हमने क्या हासिल किया है। अगर उनके जीवन का निष्कर्ष निकाले। तो आप उनके जीवन को शून्य दे सकते हैं, यही सत्य है।  आज के जीवन में हर व्यक्ति अपने आपको ज्ञान से परिपूर्ण मानता है। लेकिन बुद्धिजीवी लोगों ने इसकी परिभाषा कुछ अलग ही तरीके से दी है।  उनका मानना है कि आप जिस समाज में रहते हैं, आपके आसपास का वातावरण ही आपको काफी प्रभावित करता है। आप उस वातावरण से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकते। आप उन्हीं में अपने आपको सर्वश्रेष्ठ घोषित करते हैं। क्योंकि आपका दायरा केवल आपने ही निर्धारित किया है, किसी और ने नहीं। बुद्धिजीवी लोगों न