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अविश्वसनीय साइबरनेटिक मैकेनिज्म का एक ऐसा उदाहरण जो आपका जीवन बदल दे लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

धन संपत्ति के मामले में आपकी सोच...?

मैंने अपने कॉलेज के वर्ष लॉस एन्जेलस के एक बढ़िया होटल में सेवक के रूप में बिताये। वहाँ एक तकनीकी कार्यकारी अतिथि के रूप में अक्सर आया करता था। वह काफ़ी प्रतिभावान था, उसने लगभग 20 वर्ष से कुछ ही अधिक की आयु में वाई- फ़ाई का एक मुख्य घटक डिज़ाइन कर पेटेंट किया था। वह कई कंपनियां शुरु करके बेच चुका था और बेतहाशा कामयाब था। धन संपत्ति के साथ उसका जो संबंध था, उसे मैं असुरक्षा और बचकानी मूर्खता का मेल कहूँगा। वह सौ डॉलर के नोटों की कई इंच मोटी गड्डी साथ लेकर घूमता था, जिसे वह हर किसी को दिखाता था, फिर चाहे वे देखना चाहते हों या नहीं। वह बिना किसी संदर्भ के अपनी धन सम्पदा की खुलकर डींग मारता, ख़ासकर जब वह नशे में धुत होता। एक दिन उसने मेरे एक सहकर्मी को कई हज़ार डॉलर की रकम दी और कहा, "गली में जो ज़वाहरात की दुकान है, वहाँ जाओ और 1000 डॉलर के कुछ सोने के सिक्के लेकर आओ।" एक घंटे बाद, हाथ में सोने के सिक्के लिये, वह कार्यकारी और उसके दोस्त एक डॉक के चारों तरफ़ इकट्ठा हो गये जो प्रशांत महासागर के सामने था। फिर उन्होंने उन सिक्कों को पानी में फेंकना शुरू कर दिया। वे उन सिक्कों को

अविश्वसनीय साइबरनेटिक मैकेनिज्म का एक ऐसा उदाहरण जो आपका जीवन बदल दे

लक्ष्य केंद्रित हुनर एक ऐसा हुनर है जिसे आप साइबरनेटिक मैकेनिज्म कह सकते हैं जो अविश्वसनीय है आप एक पत्रवाहक कबूतर को उसके बसेरे से बाहर निकाल कर एक पिंजरे में रखते हैं और उस पिज़रे पर कंबल ढक कर एक बक्से में पैक कर देते हैं और फिर उस बक्से को एक बंद ट्रक में रख देते हैं,आप किसी भी दिशा में हजार मिल दूर चले जाए और उसके बाद अपना ट्रक खोलें बक्सा बाहर निकाले, कंबल हटाए और कबूतर को पिंजरे से बाहर निकाल दें, वह फौरन हवा में उड़ जाएगा, तीन चक्कर लगाएगा और फिर बिना किसी गलती के एक हजार मील दूर स्थित अपने बसेरे की तरफ चल देगा, दुनिया के किसी भी अन्य प्राणी के पास यह अविश्वसनीय साइबरनेटिक, लक्ष्य केंद्रित हुनर नहीं होता है सिवाय इंसान के। आपमें भी लक्ष्य हासिल करने की वही योग्यता है जो पत्रवाहक कबूतर में है दरअसल आपमें एक और अद्भुत चीज है जब आपका लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट होता है तो आपको यह पता करने की भी जरूरत नहीं है कि यह कहां है या इसे कैसे हासिल करना है।  प्रकृति आपके लक्ष्य के आकार के बारे में परवाह नहीं करती अगर आप छोटे लक्ष्य तय करते हैं तो आपका स्वचालित लक्ष्य प्राप्ति तंत्र आपको छोटे लक्