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धन संपत्ति के मामले में आपकी सोच...?

मैंने अपने कॉलेज के वर्ष लॉस एन्जेलस के एक बढ़िया होटल में सेवक के रूप में बिताये। वहाँ एक तकनीकी कार्यकारी अतिथि के रूप में अक्सर आया करता था। वह काफ़ी प्रतिभावान था, उसने लगभग 20 वर्ष से कुछ ही अधिक की आयु में वाई- फ़ाई का एक मुख्य घटक डिज़ाइन कर पेटेंट किया था। वह कई कंपनियां शुरु करके बेच चुका था और बेतहाशा कामयाब था। धन संपत्ति के साथ उसका जो संबंध था, उसे मैं असुरक्षा और बचकानी मूर्खता का मेल कहूँगा। वह सौ डॉलर के नोटों की कई इंच मोटी गड्डी साथ लेकर घूमता था, जिसे वह हर किसी को दिखाता था, फिर चाहे वे देखना चाहते हों या नहीं। वह बिना किसी संदर्भ के अपनी धन सम्पदा की खुलकर डींग मारता, ख़ासकर जब वह नशे में धुत होता। एक दिन उसने मेरे एक सहकर्मी को कई हज़ार डॉलर की रकम दी और कहा, "गली में जो ज़वाहरात की दुकान है, वहाँ जाओ और 1000 डॉलर के कुछ सोने के सिक्के लेकर आओ।" एक घंटे बाद, हाथ में सोने के सिक्के लिये, वह कार्यकारी और उसके दोस्त एक डॉक के चारों तरफ़ इकट्ठा हो गये जो प्रशांत महासागर के सामने था। फिर उन्होंने उन सिक्कों को पानी में फेंकना शुरू कर दिया। वे उन सिक्कों को

हिटलर का सरकारी नौकर न बनने का निश्चय

समय का वह दौर था, जब मैंने अपने जीवन के प्रारंभिक ध्येय निश्चित करने शुरू किये, मेरा ख्याल है कि मेरे अंदर छिपा हुआ बोलने का गुण अब विकसित और निश्चित रूप धारण कर रहा था मैं अपने साथियों से थोड़ी बहुत परंतु जोरदार बहस किया करता था, मैं अब एक ऐसा किशोर नेता बन चुका था।  एक बार पिताजी की किताबों को उलटते पलटते मेरे हाथ कुछ ऐसे प्रकाशन लगे, जो सैनिक विषयों से संबंधित थे, इन प्रकाशनों में से एक पुस्तिका सन 1870–71 के फ्रांसीसी–जर्मन युद्ध के लोकप्रिय इतिहास से संबंधित थी,  यह उन वर्षों की घटनाओं से जुड़ी दो खंडों में विभक्त एक प्रसिद्ध पत्रिका थी, पढ़ने के लिए मुझे यह सामग्री बहुत पसंद आई, इसे पढ़ने के बाद थोड़े ही समय में एक तीव्र संघर्ष मेरे मस्तिष्क में अपना स्थान बनाने लगा और तब से मैं युद्ध तथा सैनिक मामलों से जुड़ी उस घटना को बारीकी से जानने के लिए उत्सुक रहने लगा।  फ्रांसीसी जर्मन युद्ध की वह कहानी मेरे लिए कई अन्य कारणों में से भी महत्वपूर्ण थी मेरे मस्तिष्क में हालांकि उस समय यह सब अस्पष्ट था कि क्या युद्ध में लड़ने वाले जर्मन निवासियों और अन्य जर्मन निवासियों में कोई अंतर है अगर ह