सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

धन संपत्ति के मामले में आपकी सोच...?

मैंने अपने कॉलेज के वर्ष लॉस एन्जेलस के एक बढ़िया होटल में सेवक के रूप में बिताये। वहाँ एक तकनीकी कार्यकारी अतिथि के रूप में अक्सर आया करता था। वह काफ़ी प्रतिभावान था, उसने लगभग 20 वर्ष से कुछ ही अधिक की आयु में वाई- फ़ाई का एक मुख्य घटक डिज़ाइन कर पेटेंट किया था। वह कई कंपनियां शुरु करके बेच चुका था और बेतहाशा कामयाब था। धन संपत्ति के साथ उसका जो संबंध था, उसे मैं असुरक्षा और बचकानी मूर्खता का मेल कहूँगा। वह सौ डॉलर के नोटों की कई इंच मोटी गड्डी साथ लेकर घूमता था, जिसे वह हर किसी को दिखाता था, फिर चाहे वे देखना चाहते हों या नहीं। वह बिना किसी संदर्भ के अपनी धन सम्पदा की खुलकर डींग मारता, ख़ासकर जब वह नशे में धुत होता। एक दिन उसने मेरे एक सहकर्मी को कई हज़ार डॉलर की रकम दी और कहा, "गली में जो ज़वाहरात की दुकान है, वहाँ जाओ और 1000 डॉलर के कुछ सोने के सिक्के लेकर आओ।" एक घंटे बाद, हाथ में सोने के सिक्के लिये, वह कार्यकारी और उसके दोस्त एक डॉक के चारों तरफ़ इकट्ठा हो गये जो प्रशांत महासागर के सामने था। फिर उन्होंने उन सिक्कों को पानी में फेंकना शुरू कर दिया। वे उन सिक्कों को

लीडर पैदा नहीं होते, बल्कि बनते हैं,

आज हम बात करने वाले हैं कि लीडर पैदा नहीं होते, बल्कि बनते हैं, हम यह जानते हैं कि अगर आप जल्दी से एक्ज़ीक्यूटिव बनना चाहते हैं या अपने क्षेत्र में शिखर पर पहुँचना चाहते हैं, तो आपमें चैंपियन टीम बनाने की योग्यता होनी ही चाहिए। यह स्त्री-पुरुषों का ऐसा समूह बनाने की योग्यता है, जो महान चीजें हासिल करने के लिए सौहार्दपूर्ण ढंग से मिलकर काम कर सके।

 विजेता टीम बनाने की सात कुंजियाँ :

 1. स्पष्ट कोचिंग और नेतृत्व। हर व्यक्ति जानता है कि निर्णय कौन लेता है। एक कोच होता है और सबको पता होता है कि बॉस कौन है। विजेता लीडर ख़ुद को अच्छे लोगों से घेर लेते हैं। अगर आप लीडर की गुणवत्ता जानना चाहते हैं, तो उन लोगों की गुणवत्ता देखें, जिन्हें लीडर चुनकर अपने आस-पास रखता है। शक्तिशाली लीडर हमेशा अपने से बेहतर लोगों को चुनते हैं। कमज़ोर लीडर अपने से कमज़ोर लोगों को चुनने की कोशिश करते हैं।

 2. लोगों का गहन विकास और प्रशिक्षण एकाग्रता। विजेता टीम बनाने के लिए आपको आंतरिक रूप से अपने लोगों को बढ़ाने, प्रेरित करने, प्रोत्साहित करने, प्रशिक्षित करने और उनकी योग्यताओं व कौशल को तराशने पर पूरी एकाग्रता रखनी चाहिए।

 3. नियोजन पर भारी जोर। इसका मतलब एक अति महत्त्वपूर्ण चीज़ है : तथ्य हासिल करें। प्रबंधन पर अपनी बेहतरीन पुस्तक में हैरॉल्ड जेनीन लिखते हैं कि तथ्य ही कुंजी हैं। माने हुए तथ्यों या अच्छे लगने वाले तथ्यों या संभव तथ्यों से संतुष्ट ना हों। असली तथ्यों से ही संतुष्ट हों। 

जेनीन लिखते हैं कि तथ्य झूठ नहीं बोलते और अच्छी तरह योजना बनाने की योग्यता बाज़ार के ज्ञान पर निर्भर करती है। अगर आप विजेता टीम या विजेता सेनापति को देखते हैं, तो आप यह पाते हैं कि महान युद्ध इसलिए जीते जाते हैं, क्योंकि विजेता पक्ष के लोगों के पास अच्छी ख़ुफ़िया जानकारी होती है। उन्हें सटीक जानकारी मिलती है। और वे उसके आधार पर योजना बनाते हैं। 

द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मन मुख्यालय और रणभूमि में लड़ने वाले सेनानायकों के बीच के खुफ़िया संदेश जिस कोडवर्ड में भेजे जाते थे, उसे अँग्रेज़ों ने समझ लिया। हो सकता है कि द्वितीय विश्वयुद्ध का निर्णय इन कूट संदेशों को समझने की योग्यता की वजह से ही हुआ हो ।

 इसके अलावा पीछे हटने की योजना बनाएँ। सभी महान सेनापतियों का एक गुण यह होता है कि जब वे युद्ध में लड़ने जाते हैं, तो परिस्थितियाँ चाहे जैसी हों, वे हमेशा ख़ुद से पूछते हैं कि अगर उन्हें पीछे हटना पड़ा, तो वे क्या करेंगे। 

वाटरलू के युद्ध में वेलिंगटन ने 17,000 अनुभवी सैनिकों को रिज़र्व में रखा, ताकि अगर वे युद्ध हार जाएँ और उन्हें पीछे हटना पड़े, तो वे यह काम सुरक्षित रूप से कर सकें, हालांकि युद्ध के दिन वे पराजय की कगार पर पहुँच गए थे, लेकिन उन्होंने इन सैनिकों को अपनी मदद के लिए नहीं बुलाया। अगर उन्हें युद्ध में बुल लिया जाता, तो वेलिंगटन उस दिन जल्दी युद्ध जीत जाते और पराजय के इतने करीब नहीं पहुँचते।

लेकिन सबसे बुरे संभव परिणाम की आशंका के आधार पर पीछे हटने की योजना हर उत्कृष्ट सेनापति के पास होती है, क्या गलत हो सकता है, यह सोचे-विचारे बिना जो लीडर कोई योजना बनाता है, वह हमेशा कारोबार में कोई घातक ग़लती कर बैठता है। 

4. चुनिंदा कार्य। लीडर के रूप में आप अच्छे लोगों को नौकरी देते हैं और आप उन्हें ऐसे कार्य देते हैं, जिनके ज़रिये वे बड़ा योगदान दे सकें। अगर वे उस पद पर अच्छा काम नहीं कर सकते, तो आप उन्हें बदलते रहते हैं, जब तक कि वे ऐसे पद पर ना पहुँच जाए, जहाँ वे मूल्यवान योगदान दे सकें।

 5. अक्षम लोगों को बाहर निकालने की योग्यता। आपने जिन लोगों को चुना है, अगर वे कोई महत्त्वपूर्ण योगदान नहीं दे सकते, तो आपको उनसे छुटकारा पा लेना चाहिए। आप अक्षम लोगों को जितने लंबे समय तक रखते हैं, आप उतने ही ज़्यादा अक्षम लीडर नज़र आते हैं। सिर्फ़ यही नहीं, बल्कि आप यह संकेत भेजते हैं कि इस संगठन में अक्षम बनने का एक पुरस्कार है, नौकरी की सुरक्षा। यह स्थिति दूसरों की प्रेरणा को कम कर देती है और इसकी वजह से वे अपनी क्षमता से कम योगदान देते हैं।

 6. बेहतर संवाद। ख़राब संवाद किसी भी संगठन की सबसे बड़ी कमज़ोरियों में से एक होती है। इसका मतलब है कि ऊपर या नीचे या बग़ल में पर्याप्त जानकारी नहीं दी जाती है। चैंपियन टीमों में खुले संवाद की ज़रूरत होती है, ताकि लोगों को कंपनी में जो जानकारी चाहिए, वह उन्हें बहुत जल्दी मिल जाए।

 7. उत्कृष्टता के प्रति समर्पित होना। उत्कृष्टता के प्रति समर्पण एकमात्र चीज़ है, जो लोगों को सचमुच प्रेरित करती है। सर्वश्रेष्ठ बनने की चाहत में ही वे सुबह बिस्तर छोड़ते समय रोमांचित और समर्पित होते हैं। इसीलिए लीडर हमेशा जीतने, सफल होने और दूसरों से बेहतर बनने के संदर्भ में बात करते हैं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जीवन को समझे,अपने विचारों को उद्देश्य में परिवर्तित करें

जीवन को समझने के लिए आपको पहले अपने आप को समझना होगा तभी आप जीवन को समझ पाएंगे जीवन एक पहेली नुमा है इसे हर कोई नहीं समझ पाता,  लोगों का जीवन चला जाता है और उन्हें यही पता नहीं होता कि हमें करना क्या था हमारा उद्देश्य क्या था हमारे विचार क्या थे हमारे जीवन में क्या परिवर्तन करना था हमारी सोच को कैसे विकसित करना था,  यह सारे बिंदु हैं जो व्यक्ति बिना सोचे ही इस जीवन को व्यतीत करता है और जब आखरी समय आता है तो केवल कुछ व्यक्तियों को ही एहसास होता है कि हमारा जीवन चला गया है कि हमें हमारे जीवन में यह परिवर्तन करने थे,  वही परिवर्तन व्यक्ति अपने बच्चों को रास्ता दिखाने के लिए करता है लेकिन वे परिवर्तन को सही मुकाम तक पहुंचाने में कामयाब हो पाते हैं या नहीं यह तो उनकी आने वाली पीढ़ी को देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है,  कि उनकी पीढ़ी कहां तक सक्षम हो पाई है और अपने पिता के उद्देश्य को प्राप्त कर पाने में सक्षम हो पाई है या नहीं, व्यक्ति का जीवन इतना स्पीड से जाता है कि उसके सामने प्रकाश का वेग भी धीमा नजर आता है, व्यक्ति अपना अधिकतर समय बिना सोचे समझे व्यतीत करता है उसकी सोच उसके उद्देश्य से

दौलत मनुष्य की सोचने की क्षमता का परिणाम है

आपका मस्तिष्क असीमित है यह तो आपकी शंकाएं हैं जो आपको सीमित कर रही हैं दौलत किसी मनुष्य की सोचने की क्षमता का परिणाम है इसलिए यदि आप अपना जीवन बदलने को तैयार हैं तो मैं आपका परिचय एक ऐसे माहौल से करवाने जा रहा हूं जो आपके मस्तिष्क को सोचने और आपको ज्यादा अमीर बनाने का अवसर प्रदान करेगा।  अगर आप आगे चलकर अमीर बनना चाहते हैं तो आपको एक ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जिसके दरमियान 500 से अधिक व्यक्ति कार्यरत हो ऐसा कह सकते हैं कि वह एक इंडस्ट्रियलिस्ट होना चाहिए या एक इन्वेस्टर होना चाहिए उसको यह मालूम होना चाहिए की इन्वेस्टमेंट कैसे किया जाए। जिस प्रकार व अपनी दिमागी क्षमता का इन्वेस्टमेंट करता है उसी प्रकार उसकी पूंजी बढ़ती है यह उस व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह अपनी दिमागी क्षमता का किस प्रकार इन्वेस्टमेंट करें कि उसकी पूंजी बढ़ती रहे तभी वह एक अमीर व्यक्ति की श्रेणी में उपस्थित होने के लिए सक्षम होगा। जब कोई व्यक्ति नौकरी छोड़ कर स्वयं का व्यापार स्थापित करना चाहता है तो इसका एक कारण है कि वह अपनी गरिमा को वापस प्राप्त करना चाहता है अपने अस्तित्व को नया रूप देना चाहता है कि उस पर किसी का अध

जीवन में लक्ष्य कैसे प्राप्त करें।

आज के जीवन में अगर आप कुछ बनना चाहते हैं, तो आपको अपने जीवन को एक लक्ष्य के रूप में देखना चाहिए, लक्ष्य आपको वह सब कुछ दे सकता है, जो आप पाना चाहते हैं, आपको सिर्फ एक लक्ष्य तय करना है, और उस लक्ष्य पर कार्य करना है, कि आपको उस लक्ष्य को किस तरह हासिल करना है, इसे हासिल करने की आपको योजना बनानी है, और उस योजना पर आपको हर रोज मेहनत करनी है। किसी भी लक्ष्य को हासिल करने की समय सीमा किसी और पर नहीं केवल आप पर निर्भर करती हैं, कि आप उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए क्या कुछ कर सकते हैं, जब आप किसी लक्ष्य को हासिल करने का इरादा बनाते हैं, तो आपको यह पता होना चाहिए कि जिस इरादे को लेकर आप लक्ष्य को हासिल करने वाले हैं, वह इरादा उस समय तक कमजोर नहीं होना चाहिए जब तक कि आपका लक्ष्य पूर्ण न हो जाए। आपने देखा होगा कि लोग लक्ष्य निर्धारित करते हैं, जब उस लक्ष्य पर कार्य करने का समय आता है, तो कुछ समय तक तो उस लक्ष्य पर कार्य करते हैं, लेकिन कुछ समय बाद उनका इरादा कमजोर हो जाता है, वे हताश हो जाते हैं तो आप मान के चल सकते हैं कि वे जिंदगी में कुछ भी हासिल करने के लायक नहीं। इस सृष्टि पर उन्हीं लोग