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समय का प्रबंधन आपका मूल्य तय करता है

समय का प्रबंधन दरअसल जीवन का प्रबंधन है, आपकी व्यक्तिगत उत्पादकता को बेहतर बनाने का काम आपके मूल्यों के परीक्षण से शुरू होता है।  मर्फी का नियम कहता है कि कोई चीज़ करने से पहले आपको कोई दूसरी चीज़ करनी पड़ती है। समय का उचित प्रबंधन करना भी तब तक संभव नहीं है, जब तक आपको सटीकता से यही ना मालूम हो कि आपका मूल्य क्या हैं। समय के अच्छे प्रबंधन के लिए आवश्यक है कि आपका घटनाओं के क्रम पर अपना नियंत्रण आपके लिए सबसे ज़्यादा महत्त्वपूर्ण आदर्शों के सामंजस्य में हों। यदि यह आपके लिए महत्त्वपूर्ण नहीं है, तो आप अपने समय का नियंत्रण हासिल करने के लिए कभी प्रेरित और संकल्पवान महसूस नहीं करेंगे। हर इंसान को जीवन में अर्थ और उद्देश्य की गहरी ज़रूरत होती है। व्यक्तिगत तनाव और अप्रसन्नता के मुख्य कारणों में से एक यह भावना है कि आप जो कर रहे हैं, उसका आपके सबसे अंदरूनी मूल्यों और विश्वासों के संदर्भ में कोई अर्थ और उद्देश्य नहीं है। आपको हमेशा यह प्रश्न पूछकर शुरू करना चाहिए, "क्यों?" आप समय प्रबंधन की तकनीकों में ज़्यादा कार्यकुशल बन सकते है लेकिन इससे आपका कोई भला नहीं होगा, अगर आप किसी अर्

सफल और असफल लोगों के बीच का बुनियादी फर्क

1. महान लीडर्स में एक ऐसा गुण होता है, जो उन्हें दूसरों से अलग बनाता है, यह गुण है भविष्य दृष्टा होने का, लीडर्स के पास भविष्य दृष्टि होती है, गैर लीडर्स के पास नहीं होती।

2. लीडर्स हमेशा भविष्य के बारे में सोचते हैं, वे इस बारे में सोचते हैं, कि वे कहां जा रहे हैं, और वहां पहुंचने के लिए वे क्या कर सकते हैं।

3. दीर्घकालीन दृष्टिकोण जीवन में आर्थिक और व्यक्तिगत सफलता को तय करने वाला सबसे महत्वपूर्ण तत्व है, वर्तमान में निर्णय लेते वक्त कई साल आगे तक सोचने की योग्यता दीर्घकालीन दृष्टिकोण है।

4. आप भविष्य के बारे में जितने आगे तक सोचकर निर्णय लेते हैं, आपके निर्णय उतने ही बेहतर होते हैं, और आपके सपनों के साकार होने की संभावना भी उतनी ही ज्यादा बढ़ जाती है।

5. लक्ष्य पाने में सबसे बड़ी बाधा खुद को सीमित करने वाले विश्वास होते हैं।

6. असफल लोग हमेशा इसी पशोपेश में रहते हैं कि किसी तयशुदा लक्ष्य को पाना मुमकिन है या नहीं।

7. ऊंची सफलता पाने वाले लोग सिर्फ यह सवाल पूछते हैं, कैसे ? और फिर वे अपने सपनों और लक्ष्यों को हकीकत में बदलने के तरीके खोजने में जुट जाते हैं।

8. हम इस बारे में काफी ज्यादा अनुमान लगा लेते हैं कि हम एक साल में क्या हासिल कर सकते हैं, लेकिन हम इस बारे में काफी कम अनुमान लगाते हैं कि हम पांच साल में क्या हासिल कर सकते हैं।

9. आप वे योग्यताएं और विशेषता कैसे हासिल करें जिनकी जरूरत आपको अपने क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए होगी।

10. ऊंची सफलता पाने वाले लोगों और कम सफलता पाने वाले लोगों के बीच बुनियादी फर्क कर्म केंद्रित होने का होता है, जो स्त्री पुरुष जिंदगी में ऊंचे काम करते हैं, वे प्रबलता से कर्म केंद्रित होते हैं, वे हर वक्त चलते ही रहते हैं, वे हमेशा व्यस्त रहते हैं, जैसे ही उनके मन में कोई विचार आता है, वे फौरन उस पर काम करने लगते हैं।

 11. जहां कोई सपना नहीं होता वहां लोग नष्ट हो जाते हैं, रोमांचक सपना होने पर आप हर दिन लगातार प्रेरित होते हैं, और अपने आदर्श सपने को हकीकत में बदलने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाते हैं।

 12. खुशी दरअसल सार्थक लक्ष्य की क्रमिक प्राप्ति हैं

13. आप जिसे सोचते हैं उसे आप अपनी और आकर्षित करते हैं।

 14. हमें अपनी सोच और नजरिए में बहुत पॉजिटिव होना चाहिए, तभी हम पॉजिटिव लोगों और पॉजिटिव हालातों को अपनी ओर आकर्षित कर पाएंगे।

15. लक्ष्य बनाने में सबसे बड़ी बाधा खुद को सीमित करने वाले विश्वास होते हैं।

16. खुद को कम आँककर आप कोई लक्ष्य तय ही नहीं कर पाते, और अगर लक्ष्य तय करते भी हैं, तो काफी छोटे लक्ष्य तय करते हैं, जो आपकी क्षमता से काफी कमतर होते हैं।

17. कम सफल या असफल लोगों के इरादे तो हमेशा अच्छे होते हैं, लेकिन उनके पास आज काम न करने का कोई न कोई बहाना हमेशा मौजूद होता है।

18. ज्यादातर वक्त अपने आदर्श भविष्य के बारे में सोचने का प्रण करें, याद रखें, आपकी जिंदगी के सबसे अच्छे दिन भविष्य में आने वाले हैं।

19. अपने दीर्घकालीन भविष्य के बारे में आप जितने ज्यादा स्पष्ट होंगे, उतनी ही ज्यादा तेज गति से उन लोगों और परिस्थितियों को अपने जीवन में आकर्षित करेंगे जिनकी जरूरत आपको अपने सपने साकार करने के लिए होगी।

20. अपने व्यक्तिगत और अपनी मनचाही वस्तुओं के बारे में आप जितने ज्यादा स्पष्ट होंगे, जिंदगी के हर क्षेत्र में उतना ही ज्यादा हासिल करेंगे, और वह भी बहुत तेजी से।

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