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धन संपत्ति के मामले में आपकी सोच...?

मैंने अपने कॉलेज के वर्ष लॉस एन्जेलस के एक बढ़िया होटल में सेवक के रूप में बिताये। वहाँ एक तकनीकी कार्यकारी अतिथि के रूप में अक्सर आया करता था। वह काफ़ी प्रतिभावान था, उसने लगभग 20 वर्ष से कुछ ही अधिक की आयु में वाई- फ़ाई का एक मुख्य घटक डिज़ाइन कर पेटेंट किया था। वह कई कंपनियां शुरु करके बेच चुका था और बेतहाशा कामयाब था। धन संपत्ति के साथ उसका जो संबंध था, उसे मैं असुरक्षा और बचकानी मूर्खता का मेल कहूँगा। वह सौ डॉलर के नोटों की कई इंच मोटी गड्डी साथ लेकर घूमता था, जिसे वह हर किसी को दिखाता था, फिर चाहे वे देखना चाहते हों या नहीं। वह बिना किसी संदर्भ के अपनी धन सम्पदा की खुलकर डींग मारता, ख़ासकर जब वह नशे में धुत होता। एक दिन उसने मेरे एक सहकर्मी को कई हज़ार डॉलर की रकम दी और कहा, "गली में जो ज़वाहरात की दुकान है, वहाँ जाओ और 1000 डॉलर के कुछ सोने के सिक्के लेकर आओ।" एक घंटे बाद, हाथ में सोने के सिक्के लिये, वह कार्यकारी और उसके दोस्त एक डॉक के चारों तरफ़ इकट्ठा हो गये जो प्रशांत महासागर के सामने था। फिर उन्होंने उन सिक्कों को पानी में फेंकना शुरू कर दिया। वे उन सिक्कों को

सफलता के रूप

1. अगर आप अपने दिमाग को सकारात्मक रखना चाहते हैं तो आलोचना करने से इंकार कर दे, शिकायत करना छोड़ दें, और किसी भी चीज के लिए दूसरों की निंदा करना बंद कर दें, जब भी आप किसी दूसरे की आलोचना करते हैं, किसी चीज की शिकायत करते हैं या कोई चीज करने या नहीं करने के लिए किसी की निंदा करते हैं तो हर बार आप अपने भीतर नकारात्मकता और क्रोध की भावनाएं जगा देते हैं और फिर कष्ट भी आपको भी भुगतना पड़ता है।

2. जब आप जल भून रहे होते हैं तब आपके शत्रु नाच गा रहे होते हैं।

3. आप आज जहां हैं और जो हैं इसलिए हैं क्योंकि आपने ही इसका फैसला किया है।

4. अगर कोई ऐसी चीज है जिससे लेकर आप खुश नहीं है तो यह आप पर ही निर्भर करता है कि आप उसे बदलने और बेहतर बनाने के लिए कुछ ऐसे कदम उठाए जिससे वह आपके मनमाफिक हो जाए। 

5. आज आप उतना ही कमा रहे हैं जितना आपने कमाने का फैसला किया है ना उससे कम, ना उससे ज्यादा।

6. कोई भी व्यक्ति आपकी उतनी परवाह नहीं करता जितनी कि आप स्वयं की करते हैं।

7. अपनी तकदीर का स्वामी स्वयं को माने या स्वयं बने।

8. अतीत की घटनाओं के बारे में अफसोस और शिकायत करना छोड़ दें, क्योंकि उन्हें बदला नहीं जा सकता।

9. अपना रुख भविष्य की तरफ करें और सोचे कि आप क्या चाहते हैं।

10. लक्ष्यों के बारे में सोचने भर से ही आप सकारात्मक और उद्देश्य पूर्ण बन जाते हैं।

11. आपके नियंत्रण का बटन ही जिंदगी में आपकी खुशी और दुख को तय करता है।

12. आशावादी और सकारात्मक बने, महसूस करें कि आपने वह सब कुछ पा लिया है जिसकी आपने आशा की थी।

13. आप जितना ज्यादा कहते हैं कि मैं जिम्मेदार हूं आपकी नियंत्रण शक्ति उतनी ही ज्यादा विकसित होती हैं आप अपने आपको ज्यादा शक्तिशाली और आत्मविश्वासी महसूस करते हैं।

14. जब आप सकारात्मक सोचते हैं तो आप ज्यादा बड़े चुनौतीपूर्ण लक्ष्य तय करते हैं।

15. जब आप किसी को शिद्दत/दिल से चाहते हैं तो आप उसे पर्याप्त समय देते हैं।

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