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धन संपत्ति के मामले में आपकी सोच...?

मैंने अपने कॉलेज के वर्ष लॉस एन्जेलस के एक बढ़िया होटल में सेवक के रूप में बिताये। वहाँ एक तकनीकी कार्यकारी अतिथि के रूप में अक्सर आया करता था। वह काफ़ी प्रतिभावान था, उसने लगभग 20 वर्ष से कुछ ही अधिक की आयु में वाई- फ़ाई का एक मुख्य घटक डिज़ाइन कर पेटेंट किया था। वह कई कंपनियां शुरु करके बेच चुका था और बेतहाशा कामयाब था। धन संपत्ति के साथ उसका जो संबंध था, उसे मैं असुरक्षा और बचकानी मूर्खता का मेल कहूँगा। वह सौ डॉलर के नोटों की कई इंच मोटी गड्डी साथ लेकर घूमता था, जिसे वह हर किसी को दिखाता था, फिर चाहे वे देखना चाहते हों या नहीं। वह बिना किसी संदर्भ के अपनी धन सम्पदा की खुलकर डींग मारता, ख़ासकर जब वह नशे में धुत होता। एक दिन उसने मेरे एक सहकर्मी को कई हज़ार डॉलर की रकम दी और कहा, "गली में जो ज़वाहरात की दुकान है, वहाँ जाओ और 1000 डॉलर के कुछ सोने के सिक्के लेकर आओ।" एक घंटे बाद, हाथ में सोने के सिक्के लिये, वह कार्यकारी और उसके दोस्त एक डॉक के चारों तरफ़ इकट्ठा हो गये जो प्रशांत महासागर के सामने था। फिर उन्होंने उन सिक्कों को पानी में फेंकना शुरू कर दिया। वे उन सिक्कों को

आपने ज्ञान कहां से प्राप्त किया है ?

प्रत्येक व्यक्ति को आज के जीवन में सब कुछ फ्री में चाहिए, चाहे वो ज्ञान हो या किताबें हो, जो भी ज्ञान या किताबें आपको फ्री में प्राप्त होती है, उसमें ज्ञान का कुछ अंश होता है, लेकिन आपके जीवन में उसकी कोई कद्र नहीं होती, क्योंकि वे किताबें आपको फ्री में प्राप्त हुई है, अगर वही किताबें आप खरीद कर लेकर आते हैं तो शायद आप उन किताबों को पूरा पढ़ने के बाद ही रखते। 

अगर आपको ज्ञान प्राप्त करना है तो आपको उसके लिए इन्वेस्टमेंट करना होगा, उसके लिए आपको किताबें खरीदनी होगी, बुद्धिजीवी लोगों के सेमिनार अटेंड करने होंगे, लोग अपने ज्ञान के प्रकाश का विस्तार सेमिनार आयोजित करके प्रदान करते हैं।

यदि आप यूट्यूब के द्वारा कोई ज्ञान ग्रहण करते हैं, तो यूट्यूब पर जो वीडियो प्रसारित होते हैं, उस पर एडवर्टाइजमेंट के द्वारा यूट्यूबर्स को गूगल द्वारा भुगतान किया जाता है, लेकिन आप ही सोचिए अगर कोई यूट्यूबर आपको कुछ बताना चाहता है, और आप कुछ सीखना चाहते हैं, तो आपको वह पूरी किताब को तो बता नहीं सकते, लेकिन आपको कुछ उस किताब का विशेष नॉलेज जरूर दे सकते हैं।

पूरी बात अगर किताब की आपको जाननी है तो किताब आपको खरीदनी होगा तभी आप उस किताब का नॉलेज ले पाएंगे।

किताब ही एक ऐसी चीज है जो आपका जीवन बदलने में सक्षम है और आपकी मदद कर सकती है, एक लेखक किताब में अपना ध्यान उस बिंदु पर केंद्रित करता है, जिस बिंदु पर वह किताब लिख रहा है, और लेखक यह जानता है कि पाठक जब भी इस किताब को पढ़ें, तो उसे संपूर्ण ज्ञान जो वह इस किताब से आशा करता है, जिस उद्देश्य से पाठक ने इस किताब को खरीदा है, उसे प्राप्त हो।

आज के जीवन में कौन यह नहीं चाहता कि उसके कार्य का प्रतिफल उसे प्राप्त न हो, सभी ये चाहते हैं कि उसके कार्य का उचित प्रतिफल उसे प्राप्त हों, एक लेखक यही चाहता है कि उसकी किताब जो उसने लिखी है उसकी मेहनत का उसे उचित प्रतिफल प्राप्त हो, उसके साथ ही वह लोगों को किताब के द्वारा अपना अनुभव बताना चाहता है।

किताब के द्वारा एक लेखक अपने जीवन का संपूर्ण अनुभव बताता है, कि आपने जिस उद्देश्य के लिए किताब को खरीदा है, उस उद्देश्य को वह किताब पूरा करती है या नहीं, इसका निष्कर्ष आप उस किताब को पढ़कर निकाल सकते हैं, आने वाला समय बताता है कि उस किताब का प्रभाव आप पर कितना क्रियाशील रहा है, और आपने जीवन में कितनी उपलब्धि हासिल की है।


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